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Ear- May be, Yourself responsible for hearing?,कम सुनने के लिए कहीं स्वयं तो जिम्मेदार नहीं?


कम सुनने के लिए कहीं स्वयं तो जिम्मेदार नहीं?

कान भी हमारा एक सच्चा साथी होता है, मृत्युपर्यंत यह स्वस्थ रहे इस हेतु इसे भी अनावश्यक छेड़ना नहीं चाहिए। हमेशा कान में में कुछ न कुछ डालते रहने की आदत हानिकारक होती है। यदि कान में खुजली आदि चलती है, तो इसका कारण सुखापन होता है। यदि कान में कोई संकर्मण /पस या किसी प्रकार का पानी आदि नहीं आता हो तो निरंतर तैल डालते रहना चाहिए। जिस प्रकार नमी की बाहरी त्वचा को जरूरत होती हे उसी प्रकार कान के अंदर की नली को भी नमी की जरूरत होती है।

Dry eye syndrome. Sushkakshipak.

1 सामान्य नेत्र

 Dry eye Syndrome या सूखी आंख वाला रोग, आयुर्वेद के अनुसार “शुष्काक्षिपाक”

वर्तमान में 86% लोगों को [जिनमें अधिकतर महिलाएं होती हें] को पाया जाने वाला आँखों का रोग “ड्राई आई सिंड्रोम” का पता उस व्यक्ति को तब होता है, जब वह  आँखों में, चुभन, और रेत गिरने या कोई बाहरी वस्तु होने जैसा अनुभव को सामान्य न समझ किसी नेत्र चिकित्सक के पास जाता है|

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