HIV ?? एच. आई. वी. का इलाज

HIV पॉजिटिव रोगी की चिकित्सा* 🌻

🕉10 ग्राम गिलोय सत्
🕉10 ग्राम प्रवाल पंचामृत
🕉 5 ग्राम कासीस भष्म
🕉 4 ग्राम मोती पिष्टी
🕉 5 ग्राम अभ्रक भष्म
🕉 5 ग्राम स्वर्ण माक्षिक भष्म
🕉 2 ग्राम स्वर्ण बसंत मालती रस
🕉 1 ग्राम बसंत कुस्माकर रस
🕉300 मिग्रा हीरक भष्म

सभी को मिला कर 60 खुराक बनायें, एक -एक खुराक सुबह शाम शहद से दें।
🕉1 गोली उदरामृत वटी
🕉1 गोली आरोग्य वर्धिनी वटी
🕉1 गोली आरोग्य वटी
सुबह शाम भोजन के बाद पानी से दें।
🕉2 बून्द शिलाजीत सत्
दूध में मिला कर दें।

जॉइंट पैन का घरेलू उपचार??

जोड़ो का कैसा भी दर्द हो इसे प्रयोग करेआज कल जोड़ो के दर्द (Joint Pain) की समस्या आम हो गयी है और बढ़ती उम्र में ये बीमारी अक्सर लग जाती है डॉक्टर्स के पास जाकर भी इन दर्द से तब तक ही आराम होता है जब तक आप उनकी दवाईयाँ खाते रहते है और जैसे ही ट्रीटमेंट बंद किया फिर से वही प्रॉब्लम शुरू -आखिर कब तक आप इस प्रॉब्लम जे झुजते रहोगे, आएये आज हम आपको बताते है कि कैसे आप घर पर ही डॉक्टर जैसा ट्रीटमेंट कर सकते है वो भी घरेलु नुस्खो से- अगर ये नुस्खे आप कुछ दिनों लगातार करेंगे तो आप पायेगे की आप की बीमारी बहुत हदतक ठीक हो चुकी होगी-तो जानते है क्या है वो नुस्खे जिन्हें आप जानकर भी अनजान है-एक जोड़ो का दर्द ऐसा है जो युवा व बुजुर्ग दोनों वर्गों में कभी भी हो जाता है वो है गर्दन का दर्द ( Nack Pain ) जी हा एक बार अगर हो गया तो फिर आपकी गर्दन सीधी ही रहेगी ना लेफ्ट होगी और ना राईट होगी शायद आप इस दर्द को पहचानते भी होंगे तो चलो इसदर्द से निजात पाने का नुस्खा बताते है –
पहला नुस्खा :-आप पंसारी के यहाँ जाये ओर वहा से भमुने का तेल 15 ग्राम और महुवे का तेल 15 ग्राम ले आये अब आप इन दोनों को अच्छे से मिक्स कर ले और एक बोतल में रख ले -अब इस तेल को जहा भी जोड़ो का दर्द है जैसे गर्दन, घुटने आदि जहा भी जोड़ो का दर्द हो वहा इस तेल की मालिश करे, ध्यान रखे मालिश हमेशा नीचे से उपर की और करे, अगर आप इस तेल की मालिश धुप में बेठ कर करेंगे तो ये बहुत ज्यादा आराम करेगा, अगर प्रस्थिति न हो तब आप मालिश के बाद उस जगह की हलके हलके सेक सकते है -ये एक जादुई फार्मूला है इस नुस्खे से आप अपने दर्द को चुमंतर कर सकते है -पुराने जोड़ो के दर्द में इसका प्रयोग लगातार 10 से 15 दिन तक करे

-दूसरा नुस्खा:-जिसे आप सब जानते है पर उसके गुण नहीं पहचानते, जी हा वो है अजवायन, अजवायन दर्द निवारक तो है ही और गैस को मिटने वाली, भूखबढ़ने वाली और वायु रोग में भी कारगर है जोड़ो के दर्द में आप अजवायन का ये नुस्का अपनाये इससे आपको बहुत लाभ होगा सभी चीजे पंसारी के यहाँ मिल जाती है -अजवायन का तेल- 10 ग्रामपिपरमिंट- 10 ग्रामकपूर- 20 ग्रामउपरोक्त तीनो चीजो को आपस में मिलकर एक शीशी में रख दे थोड़ी देर में सब आपस में मिल जायेगे -जब इस मिश्रण को 7 या 8 घंटे होजाये तब आप इसे प्रयोग में ला सकते है कैसा भी दर्द हो आप इस मिश्रण को हिलाकर, इसकी मालिश करने से दर्द से छुटकारा मिलेगा होगा

-अन्य प्रयोग :-शहद में ढाक के बीज का चूर्ण मिला कर इस मिश्रण का लेप करने से भी जोड़ो के दर्द में फायदा होता है -लहसुन की 10 छिली हुई कालिया, 150 ग्राम दूध व इतना ही पानी मिलकर इसे जब तक पकाए जब तक यह आधा न रह जाये , अब पके हुए लहसुनको निकालकार इसे पके दूध के साथ सेवन करेने से जॉइंट्स पैन मेंलाभ मिलता है -रात को सोते समाये गुनगुने दूध में एकछोटी चमच हल्दी की मिलाकर पीने से भी जोड़ो के दर्द में आराम मिलता है -घुटनों को फ्लेक्सिबल करने के लिए दाल चीनी, हल्दी, जीरा और अदरक का प्रयोग अपने खाने में करते रहे -अगर आप घुटनों में दर्द रहता है तो आप काले चने रात को भीगा कर रख दे और सुबह चबाकर खाए तो आप के घुटनों के दर्द को आराम मिलेगा – ऐसे 20 से 25 दिन करे –

A TO Z Ortho oil-

संपर्क सूत्र :- आयुष सेण्टर

शुगर का इलाज

शुगर का इलाज”​​
१-लहसुन छिला हुआ 25 gm
२-अदरक (ताज़ा) 50 gm
३-पुदीना fresh 50 gm
४-अनारदाना खट्टा 50 gm

इन चारों चीज़ों को पीस कर चटनी बना लें।
और सुबह, दोपहर और शाम को एक-एक चम्मच खा लें।
पुरानी से पुरानी शुगर, यहाँ तक कि शुगर की वजह से जिस मरीज़ के जिस्म के किसी हिस्से को काटने की सलाह भी दी गयी हो तब भी ये चटनी बहुत फायदेमंद इलाज है।
अगर हो सके तो इसे आगे भी फॉरवर्ड कर दें।
क्या पता किसी ज़रूरतमंद को वक़्त पर मिल जाये।
“शुक्रिया”

सर दर्द का उपचार

सरदर्द के लिए अचूक “प्राकृतिक चिकित्सा “मात्र पांच मिनट में सरदर्द “गायब”​​
नाक के दो हिस्से हैं दायाँ स्वर और बायां स्वर जिससे हम सांस लेते और छोड़ते हैं ,पर यह बिलकुल अलग – अलग असर डालते हैं और आप फर्क महसूस कर सकते हैं |
दाहिना नासिका छिद्र “सूर्य” और बायां नासिका छिद्र “चन्द्र” के लक्षण को दर्शाता है या प्रतिनिधित्व करता है |
सरदर्द के दौरान, दाहिने नासिका छिद्र को बंद करें और बाएं से सांस लें |
और बस ! पांच मिनट में आपका सरदर्द “गायब” है ना आसान ?? और यकीन मानिए यह उतना ही प्रभावकारी भी है..

अगर आप थकान महसूस कर रहे हैं तो बस इसका उल्टा करें…
यानि बायीं नासिका छिद्र को बंद करें और दायें से सांस लें ,और बस ! थोड़ी ही देर में “तरोताजा” महसूस करें |

दाहिना नासिका छिद्र “गर्म प्रकृति” रखता है और बायां “ठंडी प्रकृति”
अधिकांश महिलाएं बाएं और पुरुष दाहिने नासिका छिद्र से सांस लेते हैं और तदनरूप क्रमशः ठन्डे और गर्म प्रकृति के होते हैं सूर्य और चन्द्रमा की तरह |

प्रातः काल में उठते समय अगर आप बायीं नासिका छिद्र से सांस लेने में बेहतर महसूस कर रहे हैं तो आपको थकान जैसा महसूस होगा ,तो बस बायीं नासिका छिद्र को बंद करें, दायीं से सांस लेने का प्रयास करें और तरोताजा हो जाएँ |

अगर आप प्रायः सरदर्द से परेशान रहते हैं तो इसे आजमायें ,दाहिने को बंद कर बायीं नासिका छिद्र से सांस लें
बस इसे नियमित रूप से एक महिना करें और स्वास्थ्य लाभ लें

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Heel pain- How can rescue? एड़ी दर्द – कैसे हो मुक्ति?

एड़ी दर्द जो करता है, लाचार- कैसे हो मुक्ति?  –  डॉ मधु सूदन व्यास -9425379102 .

 प्लँनटर फँसिइटिस   – पैरो के तलवो पर आयी एक दर्दनाक सूजन है, तलवों में एक तंतुमय ऊतको का जाल होता है, जो पैरो के तलवो को मोडने में मदद करता है| इसमें भारीपन और आवश्यकता से अधिक खिंचाव हो, तब  उसके टिशूज में तरल द्रव्य (लिक्विड) एकत्र होता है| विशेषकर जहाँ  एड़ी की हड्डी से मिलती है| सामान्यत प्लँनटर फँसिइटिस किसी को भी हो सकता है, परन्तु मधुमेह से ग्रसित लोग, मोटे लोगों, गर्भवती महिलाओं, धावक, वॉलीबॉल खिलाड़ी, टेनिस खिलाड़ियों और जो एरोबिक्स या सीढ़ी चढ़ने में भाग लेते हैं, को अधिक पाया जाता है| इसके अलावा आपको तलवे का  फँसिइटिस भी  हो सकता है, एसा अधिकतर एक बड़े उपकरण या फर्नीचर को घिसे हुवे या खराब जूते पहिनकर  खिसकाते हैं। एथलीटों में, पदतल फँसिइटिस गहन प्रशिक्षण की अवधि में हो सकता है, विशेष रूप से धावकों में जो अचानक तेजी से दूर स्थान तक दौडना शुरु करते है। सपाट पैर के साथ लोगों में पदतल फँसिइटिस के होने की  जोखिम होती है।

एड़ी में गांठ – एक एड़ी गांठ एक की हड्डी कि असामान्य वृद्धि है, यह पैर के तलवे और हड्डी के मिलने के स्थान पर होती है| यह पदतल के चर्म पर और पैर की मांसपेशियों पर लंबे समय तक तनाव के कारण, विशेष रूप से मोटे लोगों में, धावक या कसरत के लिये दौडने वाले में होती है। पदतल फँसिइटिस में जहाँ घिसे हुवे, खराब फिटिंग या खराब गुणवत्ता निर्माण के जूते पहननेसे समस्या बढ़ सकती है। एड़ी में दर्द का कारण एड़ी में गांठ भी होता है, यह  एक्सरे पर भी देख सकते हैं। वास्तव में, ये पदतल फँसिइटिस का ही एक परिणाम हो सकता है|

केल्केनियल अपोफिसीटीस Calcaneal apophysitis – इस हालत में, एड़ी की हड्डी के बीच के क्षेत्र तकलीफ होती है, जो  नए जूते पहनने के परिणाम स्वरूप या एथलेटिक गतिविधियों में आयी वृद्धि से होती है। यह दर्द एड़ी के निचले क्षेत्र के बजाय पीछे की तरफ होता है। 8 और 14 की उम्र के बीच के बढ़ती उम्र के सक्रिय बच्चों में यह एड़ी में दर्द का एक काफी आम कारण रहा है। हालांकि लगभग कोई भी लड़के या लड़की इससे प्रभावित हो सकते है, जो बच्चें खेल में हिस्सा लेते है, जिसमें बहुत कूदने की आवश्यकता होती है, उनमें इस स्थिति के विकास का सबसे ज्यादा खतरा है।

Bursitis – bursitis –  हड्डी के जोड़ों के बीच एक चिकनाहट की पर्त होती है जो कई जोडो को ढकती है और जब संयुक्त जोड़ों की गतिविधी होती है, तब स्नायु और मांसपेशियों को आसानी से स्थानांतरित करने के लिए मदद करती है। इसकी कमी इस दर्द  कारण हो सकती है|

पंप जूतो से सुजन – इस हालत को चिकित्सकीय भाषा में एडी के पीछे की calcaneal exostosis रूप में जाना जाता है, यह एड़ी के पीछे  एक असामान्य हड्डी की वृधि  है। यह विशेष रूप से युवा महिलाओं में आम है, और अक्सर लंबे समय तक bursitis होने  से संबंधित है, जो की पंप जूते ( एक तरह के हल्के जूते) के दबाव के कारण होता है।

स्थानीय खरोंच/ चोट  पैर के अन्य भागों की तरह एड़ी को भी अचानक खरोंच या आघात हो सकता है। विशिष्ठ रुप से एक तेज वस्तु से पैर को चोट  होने से , नंगे पाँव घूमने से पत्थर से लग सकती है|

Achilles tendonitis – ज्यादातर मामलों में, Achilles tendonitis एडीयो से अत्याधिक काम लेने से वह नाजुक हो जाती हैं, यह एडी के स्नायु की सूजन के रूप में होती है| विशेष रूप से खेल के दौरान अत्यधिक कूदने से ये समस्या शुरु होती है। हालांकि, यह खराब फिटिंग के जूते पहनने से भी हो जाती है| अगर एक जूते का पिछला ऊपरी भाग  अधिक कसा हुआ हो, तो यह उस एड़ी में उत्पन्न हो सकती है|

 पदतल Fasciitis –  अधिकांश डॉक्टरों एक छह से आठ सप्ताह का आराम करने की सलाह देते है, इनमें शामिल है, खेल से अस्थायी समय के लिये आराम जिससे पैर की समस्या शुरु हुई है, पैरो के तलवो को खिंचाव व्यायाम, बर्फ से मालिश, जूतो में संशोधन या बदलाव, घायल पैर के तलवो को टेप लगाना, और acetaminophen (Tylenol) या स्टँराँइड के बिना दवाईयाँ, सुजन विरोधी दवा (NSAIDs) एस्पिरिन या ibuprofen जैसे, (एडविल, Motrin और अन्य) दर्द से राहत के लिए। यदि इस इलाज से आराम नहीं मिलता है,  दर्द क्षेत्र में corticosteroid दवा का इंजेक्शन भी  दिया जाता है पर यह देना शरीर के लिए अत्यंत हानि कारक है| सर्जरी शायद ही कभी आवश्यक होती है, और वह भी हमेशा सफल नहीं रहती। जबकि आधुनिक चिकित्सा में एड़ी में गांठ  के लिए सर्जरी एक अंतिम उपाय है।

Calcaneal apophysitis   यह स्थिति आमतौर पर अपने आप ही ठीक  हो जाती है।  आयुर्वेदिक उपचार  में आराम और एड़ी के लिये पैड और एड़ी तकिये का उपयोग करना चाहिए|

 Bursitis –  इस समस्या का इलाज  एड़ी में गांठ के उपचार के समान है।  जूते के प्रकार बदलना आवश्यक हो सकता है। .

 लगभग सभी प्रकार के एडी की तकलीफ आयुर्वेदिक उपचार पंचकर्म के स्नेहन स्वेदन से ही ठीक की जा सकती है, विशेष परिस्थितियों में ही वमनादी संशोधन जरुरी होता है| इसमें औषधीय तेलों से स्नेहन स्थानीय स्नेहन कर निर्गुन्डी अर्क, आदि पत्र, और उड़द आदि से बनाये पिंड द्वारा स्वेदन से ही लाभ हो जाता है| कुछ परिस्थितियों में रक्त मोक्षण का भी अधिक प्रभाव मिलता है| परन्तु यह सब यह निपुण चिकित्सक की देख रेख में ही होना चहिये|
 चिकित्सा संसार द्वारा प्रारम्भ किये गए, उज्जैन स्थित “आयुष पंचकर्म एवं चिकित्सा संस्थान 125 कंठाल उज्जैन – फोन- 9425092492 पर इसकी चिकित्सा एवं चिकित्सको को प्रशिक्षण उपलब्ध है| संपर्क डॉ मधु सूदन व्यास – 9425379102 .

How cure Sangrahanee, or Bowel Syndrome (IBS), (संग्रहणी ,लीवर,)

Q- How cure Sangrahanee, or  Bowel Syndrome (IBS), (संग्रहणी ,लीवर,)-   neetu sharma(Mar 5 (2 days ago)

Sir, Aapki website pr aapke vichar jankar or aapse madad ki umeed se ye mail kr rahi hun --   mujhe 7 saal se sangrahni hai, liver, stomach or intestine pr sujan h, stomach kafi garm rahta h, chronic gastritis. hamesha fever sa rehta h, 7 saal se wihte discharge nahi ruk raha. 36 yrs ki umar main 36 kg hi weight h shuru main hi 15 kg wait kam ho gaya tha. Bahut jayada weak hu chuki hu, bahut medicine kara chuki hun pr thek nai hui, ab dudh kalp ya matha kalp karana meri aakhri umeed h, agar aap madad kr den ......    bahut Umeed ke sath--Neetu from Agra

Answer –

नीतू जी ,

संग्रहणी,[Sangrahanee Bowel Syndrome (IBS)] होने का के साथ समान्यत आपकी बताई सभी तकलीफें साथ ही होती है सभी का एक दुसरे से सम्बन्ध है|

आप आयुर्वेदिक चिकित्सा से पूर्ण रूप से रोग मुक्त हो सकती है| आपको चाहिए की  किस अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से चिकित्सा लें|आपके रोग की आवश्यकता अनुसार ओषधि से अन्यथा पंचकर्म शोधन से आपको पूरी तरह से रोग मुक्त किया जा सकता है| हम  आपकी मदद उज्जैन आकर चिकित्सा लेने पर ही कर सकते हें|

पथम बार आप आकर परिक्षण कराएँ| कुछ समय ओषधि चिकित्सा से लाभ नहीं होने पर यहाँ वापिस आकर कुछ समय के लिए जो 15 से एक माह या अधिक रोग अनुसार हो सकता है रहकर चिकित्सा लेकर ठीक हो जाएँगी|

अभी आप जो भी चिकित्सा कर रहीं है उसके साथ, सादा बेसन, उरद, चना आदि दाल, बाज़ार का कोई भी खाना- या पीना न लें, पानी शुद्ध आरो का या उबल कर लें   प्रतिदिन एक लीटर तक ताजा तक्र (मट्ठा)  जरुर पिए| लाभकारी होगा| अन्य ओषधि विषयक बात परिक्षण उपरांत हो सकेगी|

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