HICCUPS – CAUSES & REMEDIES :

हिचकी आए तो कहते हैं कि कोई याद करता है। हमें अधिक मिर्च मसालेदार व्यंजन खाने के बाद अथवा हडबडी मे खाना खाने के बाद अचानक ही हिचकी आने लगती है…

कारण :
सामान्य रूप से यह जाना जाता है कि हिचकी आने के पीछे के मूल वजह खुराक के कणो का श्वसन नलिका मे फँस जाना होता है. हम सांस लेते हैं और फेफ़डों में हवा जाती और वहां से आती रहती है। इसके साथ ही वह पर्दा भी हिलता है जो छाती और पेट के बीच में है। मगर कभी-कभी इस प्रवाह की लय गड़बड़ा जाती है इससे डायफ्रॉम फड़कने लगता है और हिचकी चलती है।

अधिकतर बार बार हिचकी आने पर पानी पीने से लाभ हो जाता है,यदि हिचकी न रुके तो निम्न लिखित उपाय करने चाहिये:-

– हिचकी शुरु होते ही एक चम्मच शक्कर तुरंत मुंह में डाल लें। हिचकी तुरंत बंद हो जाएगी।

– अपनी सांस को रोके:
एक लंबी सांस लें और उसे कुछ सेकेंड के लिये रोक कर रखें। जब फेफड़ों में जमा कार्बन डाइऑक्साइड भर जाएगा और डायफ्राम उसे निकालेगा तो हिचकी आना बंद हो जाएगी।

– हिचकी अधिक आने पर जीभ को जितना बाहर निकाल सकते हैं निकालें। इससे गले का वह भाग खुल जाएगा जो नाक के रास्ते और वोकल कॉर्ड को जोड़ता है और हिचकी तुरंत बंद हो जाएगी।

– नमक पानी:
थोड़े से नमक को पानी में मिलाकर एक या दो घूंट पीएं। इससे हिचकी की समस्या में तुरंत आराम मिलेगा। इसके साथ ही धीरे-धीरे सांस लें इससे आपको आराम मिलेगा।

– धीरे खाएं:
कभी-कभी कुछ कारणों से हम अपना ठीक से नहीं चबा पाते हैं. जिसकी वजह से हिचकियां आना शुरु हो जाती हैं। खाने के टुकड़ों के बीच में हवा आ जाने के कारण हिचकी आने की समस्या शुरु हो जाती है। धीरे खाना खाने आप उसे अच्छे से चबा सकते हैं।

अपने कानों को 20 से 25 सेकेंड के लिये बंद करें। दूसरा आपशन है कि अपने कानों के मुलायम भाग जिसे इयरलोब भी कहते हैं, उसे दबाएं। यह वेगस नस को रिलैक्सु होने के लिये सिगनल भेजेगा जो कि डायफ्राम से जुड़ी होती है।

यह भी आजमाएं :
अत्याधिक हिचकियां आने पर अदरक अथवा सौंठ का चूर्ण आंवला व पीपल के चूर्ण के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर शहद के साथ चटाना चाहिये।

मिश्री के साथ एक ग्राम छोटी पिपली को का चूर्ण लेने से हिचकी बंद हो जाती है।

पुदीने के हरे पत्ते या नींबू चूस लेने पर हिचकी बंद हो जाती है।

सेंधा नमक को पानी या घी में पीसकर सूंघने से हिचकी बन्द हो जाती है।

सौंठ को Gud में मिलाकर सुंघाने से हिचकी में आराम मिलता है।

तीन काली मिर्च थोडी सी चीनी या मिश्री का एक टुकडा मुंह में रखकर चबायें,और उसका रस चूंसते रहे,चाहे तो एक घूंट पानी पी सकते है,तत्काल हिचकी बन्द हो जायेगी।

अदरक के बारीक टुकडे मुंह में रखकर चूंसे,हिचकी बन्द हो जायेगी।

मुलहठी का महीन चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से हिचकी बंद हो जाती है.

1. किसी भी प्रकार की हिचकी हो तीन लोंग एक साथ पानी के साथ गटक लो , इससे हिचकी बंद हो जाती है !

चेतावनी :
लगातार हिचकियाँ आते रहना कई बार बहुत गंभीर समस्या के कारण भी हो सकती है – जैसे की ह्रदय या गुर्दों सम्बन्धी कोई गंभीर खराबी. अतः अगर छोटे-मोटे उपायों से बंद न हों, तो तुरन्त डाक्टर के पास जाएं,इसमें कोई भी अनदेखी न करें.

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