Category Archives: Digestive System

HICCUPS – CAUSES & REMEDIES :

हिचकी आए तो कहते हैं कि कोई याद करता है। हमें अधिक मिर्च मसालेदार व्यंजन खाने के बाद अथवा हडबडी मे खाना खाने के बाद अचानक ही हिचकी आने लगती है…

Indigestion – Q & A

Subject: Indigestion:-Digestive System.
Q-
मुझे अधिकतर अपच की शिकायत रहती है गन्दी डकारें आती हैं, यह समस्या रात को अधिक रहती है; दिन भर पेट फूला रहता है| यह समस्या मौसम बदलने पर बहुत रहती है|  रात का भोजन करने पर पूरी रात बदबूदार डकारें आती हैं|  खाने की इच्छा नहीं होती|  यह समस्या कई सालों से है| – From: neelam <nlmy.joshi@gmail.com>

Benefits of VIRECHNA- A Part of Pancha Karma, [Therepetik Purgation विरेचन]

Benefits of VIRECHNA- A Part of  Pancha Karma, [Therepetik Purgation विरेचन]

डॉ मधु सूदन व्यास

हमारा पेट ही है प्रत्येक रोग का प्रारम्भिक स्थान?

हम जीवित रहने के लिए खाते हें, खाना मनुष्य की स्वभाविक वृत्ति है| जन्मते ही एक सामान्य मनुष्यसबसे पहिले वह यही सीखता है, और जीवन पर्यंत कुछ न कुछ खाता-पीता ही रहता है, और अक्सर इतना की उसे अच्छे-बुरे में भेद भी नहीं करता [सात्विक विशेष व्यक्तियों को छोड़कर] , इस तरह कि मनुष्य पाचन संस्थान किसी अजायबघर की तरह भी माना जा सकता है|

“How recognising Diabetes? डायबीटीज या मधुमेह को कैसे पहिचाने?”

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डायबीटीज या मधुमेह को कैसे पहिचाने?

डॉ मधुसूदन व्यास.
डायबीटीज आज एक आम रोग के रूप में दिखाई देता है, अब सब जानते हें की यह वर्तमान परिस्थितियों की देन है। परंतु पिछले कुछ समय से जब शिशुओं में भी यह पाया गया तो स्थिति बड़ी ही भयावह नजर आने लगी है। पर अकसर इस रोग का प्रारम्भ में पता नहीं चल पाता। इसका कारण कुछ भय वश कुछ अनजाने में समय रहते अर्थात लगभग 40 के आसपास सतर्क नहीं होते ओर जांच से बचते हें, यदि समय रहते जांच हो जाए तो नियंत्रण कर अधिक हानी से बचा जा सकता है।
हमारे इस लेख का उद्धेश्य भी यही है की सब जान लें, डाईविटीज से बचने के बारे में हम कई बहुत बार जान चुके हें, पर इसके अन्य पहलुओं के बारे में सब तब तक नहीं जानते जब तक यह रोग उन्हे घेर नहीं लेता।

Is treatment of Liver disease Possible in Ayurveda?

Is treatment of Liver disease Possible in Ayurveda?

Dr Madhu Sudan Vyas
आयुर्वेद द्वारा संभव है, यकृत के रोगों की चिकित्सा?

लीवर या यकृत शरीर के लिए अनावश्यक फेट्स आदि और हानी कारक पदार्थो को हटाने (डीटोक्सिफिकेशन) का काम जब पूरी तरह नहीं होता तो यह जमा होकर लीवर को रोगी या खराब बनाता है।

कैसे ज्ञात हो की लीवर खराब है?

यदि किसी व्यक्ति के मुहं से, मुंह से गंदी बदबू , मुंहु में कड़वाहट,  हाजमा  खराब रहता हो,  चेहरे पर काले घेरे या थकान भरी आंखें, त्वचा पर धब्बे, गहरे रंग का मूत्र , आंखों में पीलापन,  पेट पर सूजन जैसे लक्षण मिलने लगें तो आसानी से समझा जा सकता हे की लीवर खराब हो रहा है।

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