Category Archives: Beauty

Hair fall- Q & A.

dr o p vyas foto

Q– मेरे बाल बहुत झड़ते हें, बाल हल्के हो गए हें ?

{Orijinal Question- bahot hair fall ho rhi h bal halke v ho gue h or oily face ka koi upay v bataiye”Hair Fall बालों का झड़ना- From: Dheeraj kumar <xsonik2u@gmail.com>}

A – बालों का झड़ना कैसे रोके?

बाल झड़ना आम बात है। सामान्यतः दिन में करीब 100 बाल झड़ते हैं तो कोई परेशानी वाली बात नहीं, क्योंकि इतने ही बाल प्रतिदिन झड़ते ही हें | लेकिन अगर आपके बाल इससे कहीं ज्यादा झड़ते हैं तो ये परेशानी की बात है। आज हर किसी को कोई न कोई बालों की समस्या रहती हैं। लेकिन यदि आप अपने आहार में विटामिन बी की मात्रा बढ़ा देंगे तो काफी हद तक आपको इस समस्या से निजात मिल जाएगी। अपने बालों को जरुरत के अनुसार ही आपको अपने बालों को ट्रीटमेंट देना चाहिए। तभी वह प्रभावी ढंग से परिणाम देगा।

Beatuy-Health Q & A

Q- How to solutions of pimples.  From: Vandana Jani [<vyjvgd1997@gmail.com>]

A- यदि चेहरे पर मुंहासों जैसे ढेर सारे दाने पास-पास और गुच्छे की शक्ल में हों और बहुत दिनों तक बने रहें तो सावधान हो जाइए। यह एक्ने हो सकता है। अगर आपके परिवार में एक्ने की हिस्ट्री रही है यानी आपके मां या पिता को भी यह समस्या रही है तो भी आपको इससे बचाव की कोशिशें शुरू कर देनी चाहिए।
एक्ने त्वचा का एक डिसऑर्डर है। यह मुंहासों का ही बिगड़ा हुआ रूप है। फर्क यह है कि आमतौर पर मुंहासे जहां बिना किसी विशेष उपचार के किशोरावस्था के बाद स्वयं ही ठीक हो जाते हैं, वहां एक्ने के साथ ऐसा नहीं होता और जब तक इसका सही ढंग से इलाज न हो, यह ठीक नहीं होता।
——
क्यों होता है एक्ने
त्वचा के नीचे स्थित सिबेशस ग्लैंड्स से त्वचा को नमी देने के लिए तेल निकलताहै। ये ग्लैंड्स चेहरे, पीठ, छाती और कंधों पर सबसे ज्यादा होते हैं। अगर ये ज्यादा सक्रिय हो जाएं तो रोमछिद्र चिपचिपे होकर ब्लॉक हो जाते हैं और उनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जो एक्ने का कारण बनते हैं। सामान्य स्थिति में सूर्य की किरणें इनको पनपने नहीं देतीं। सिबेशस ग्लैंड्स की अति सक्रियता की प्रमुख वजह एंड्रोजन हार्मोन की अधिकता है। एंड्रोजन पुरुष सेक्स हार्मोन है और यह लड़के और लड़कियों दोनों में ही होता है। किशोरावस्था में इसका सिक्रीशन ज्यादा होता है।
कई लड़कियों को पीरियड्स से पहले हर बार मुंहासे निकल आते हैं जो बिगड़कर एक्ने का रूप ले सकते हैं। ऐसा ओव्यूलेशन के बाद प्रोजेस्टरॉन हार्मोन के ज्यादा सिक्रीशन की वजह से होता है। इससे त्वचा पर छोटे-छोटे दानों के गुच्छे से बन जाते हैं। इसी तरह सिबेशस ग्रंथियों से उत्पन्न सीबम त्वचा के पिगमेंट (रंग निर्धारक तत्व) से मिलकर रोमछिद्रों को ब्लॉक कर देता है तो ब्लैकहेड्स बनते हैं। अगर त्वचा की अंदरूनी परत में सीबम जमा हो जाता है तो व्हाइटहेड्स बनते हैं। कई बार ब्लैकहैड्स और व्हाइटहेड्स त्वचा के भीतर फैलने के बाद फूट जाते हैं, जिससे बाहरी त्वचा पर एक्ने और फैल सकता है।
टॉक्सीन भी है कारण
शरीर में जरूरत से ज्यादा टॉक्सिक तत्व भी एक्ने का कारण हो सकते हैं। त्वचा का एक महत्वपूर्ण कार्य पसीने के जरिए शरीर से टॉक्सिक तत्वों को बाहर निकालना है। ऐसे में अगर टॉक्सिक तत्व बहुत ज्यादा हो जाएं तो इस पूरी प्रक्रिया में त्वचा के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
इसके अलावा एलर्जी, तनाव, जंकफूड, सैचुरेटड फैट, हाइड्रोजेनेटेड फैट और पशु उत्पादों के प्रयोग, कुपोषण और प्रदूषण से भी एक्ने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ दवाओं जैसे स्टीरॉयड, ओरल कांट्रेसेप्टिव पिल्स और मिरगी की दवाओं आदि के रिएक्शन से भी एक्ने हो सकता है। 

बचाव–
कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो एक्ने को रोका जा सकता है, कम से कम उसका ज्यादा बढ़ना तो कम किया ही जा सकता है। बेहतर होगा कि आप मुंहासे निकलते ही एक्ने की रोकथाम के उपाय शुरू कर दें|
खान-पान — क्या करे?, क्या न करे ?

भोजन में ऐसी चीजें लें जिनमें फैट और मसालों की मात्रा बहुत कम हो। अधिक चिकनाई, तेज मीठा, स्टार्चयुक्त और मसालेदार भोजन से एक्ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए ऐसे भोजन से बचें।  एक्ने /पिंपल्स/ या मुहासे –घरेलू इलाज |

रेशेदार पदार्थ अधिक मात्रा में लें। इससे पेट साफ रहता है और शरीर के विषाक्त पदार्थ भी (टॉक्सीन) अच्छी तरह बाहर निकल जाते हैं।
ऐसी चीजें अपने भोजन में शामिल करें, जिनमें जिंक काफी मात्रा में हो। जैसे शेलफिश, सोयाबीन, साबुत अनाज, सूरजमुखी के बीज और सूखे मेवे। जिंक एंटी बैक्टीरियल होता है।
खट्टी चीजें जैसे लो फैट दही पर्याप्त मात्रा में खाएं ।
प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो और आयोडीन नमक का प्रयोग कम से कम करें। इनमें आयोडीन बहुत होता है और इससे एक्ने बढ़ता है। मछली और प्याज में भी आयोडीन पाया जाता है, इसलिए इनसे भी दूर रहें।
शराब, मक्खन, कॉफी, चीज, चॉकलेट, क्रीम, कोको, अंडे, मांस, पोल्ट्री उत्पाद, सॉफ्ट और ब्रोमिनेटेड वेजिटेबल ऑयल का इस्तेमाल बिलकुल न करें।
सप्ताह में एक दिन उपवास करें।
रोज कम से कम आठ-दस गिलास पानी जरूर पिएं ताकि विषाक्त पदार्थ शरीर से अच्छी तरह बाहर निकल सकें। नियमित व्यायाम करें और ताजी हवा में अधिक देर तक रहें।
दूध से बनी चीजों को कम से कम एक महीने तक अपनी डाइट से हटा दें। कभी-कभी इनसे एलर्जी के कारण भी एक्ने हो सकता है, साथ ही इनमें शामिल वसा से एक्ने बढ़ जाता है। एक महीने बाद एक-एक कर दूध से बनी चीजें लेना एक वक्त शुरू करें और यह जांचें कि एक्ने दोबारा तो नहीं हो| More post about Beauty ,

 

Ayush Center
Hide Buttons