Blood Disengagement is a natural healing.(रक्त मोक्षण है, प्राकृतिक चिकित्सा.)

Blood disengagement is a natural healing.

रक्त मोक्षण है प्राकृतिक चिकित्सा|

अल्टरनेटिव चिकित्सा पद्धतियों में माना जाता है, की रक्त मोक्षण से ख़राब रक्त निकल जाने से लाभ होता है पर यह बात आधुनिक विचार से गले नहीं उतरती, और इन प्रक्रियाओं पर प्रश्न चिन्ह लगता है|

आधुनिक वैज्ञानिक शोधों से यह सिद्ध है, की शरीर में जिस स्थान पर किसी भी प्रकार  का अघात/ चोट/ या संक्रमण होता है वहां पर रक्त की आपूर्ति (blood supply) बढ़ने लगती है ताकि उस स्थान को ठीक किया जा सके| कुछ रोगों जैसे ग्रध्रसी {साइटिका], अर्थराइटिस, या पीठ आदि में होने वाले दर्द जिनमें क्षेत्र अधिक होने से रक्त आपूर्ति उस स्थान नहीं हो पाती वहां आपूर्ति बढाने हेतु स्थानीय रक्त वाहिनियों को उत्तेजित किया जाकर, रक्त संचार बाध्य जाता है, इस प्रक्रिया से उस स्थान विशेष पर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली केन्द्रित हो कष्ट या रोग में आराम देती है| इसलिए यह निर्दोष, हानी रहित और शरीर के लिए प्राकृतिक होती है|  स्नेहन स्वेदन, विशेष स्थान के तेलादी बस्ती, जैसी पंचकर्म प्रक्रिया से भी यही होता है| रक्त मोक्षण, हिजामा, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंचर आदि अनेकानेक अल्टरनेटिव पधत्तियों से भी रक्त का स्थानिक प्रवाह बढाकर रोग निवारण किया जाता है|Desktop57

सदियों से मनुष्य के लिए स्थान, समय, आवश्यकता, एवं उपलब्धता आदि, के अनुसार आराम पहुचाने मात्र के उद्धेश्य से प्रक्रियाओं का निर्धारण भी होता रहा है|

आयुर्वेदीय पंचकर्म के अंतर्गत आने वाली प्रक्रियाओं में, रक्त मोक्षण भी एक एसी ही विस्मृत सी होती चिकित्सा प्रक्रिया है| प्रत्यक्ष क्रिया द्वारा प्राप्त परिणामों से हमने भी अनुभव किया है की इससे निश्चय ही रोगी को लाभ होता है, और  इसीकारण सदियों से यह (रक्त मोक्षण) चिकित्सा, हमारे सारे एशिया महाद्वीप में, यह किसी किसी नाम से किसी न किसी रूप से न्यूनाधिक प्रचलित है|

आदिम युग की श्रंगी, प्रक्रिया जिसमें, अलाबु (लोकी का सूखा फल या तुम्बी), लोहे या ताम्बे के सिंग आकार के यंत्र या किसी पशु के सिंग, से रक्त मोक्षण चिकित्सा करते हुए आदिवासी नगर ग्रामों में नजर आते रहते हें| आयुर्वेद केन्द्रों पर लीच (जोंक), द्वारा रक्त मोक्षण भी प्रचलन में है|

अरब और इराकी देशों में होने वाली रक्त मोक्षण की प्रक्रिया जिसे हिजामा [Hijama (حجامة अरबी)] जिसका अर्थ चूसना होता है, कहा जाता है, जो कांच या चीनी मिटटी के कप में आग से वेक्यूम उत्पन्न कर त्वचा पर blood lancing device या पेन से या हल्के कट, या निडिल से खरोंच बना कर रक्त मोक्षण किया जाता है, इनमें एक बात सामान्य {common} है की सभी में शरीर के रक्त को विशेष स्थान पर आने या लाने का प्रयत्न किया जाता है| आज के वैज्ञानिक युग में इसमें भी आधुनिक यंत्र आदि ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश भी हुई है| चाइनिस एक्यूप्रेशर पद्धती में भी इन्हीं कप के द्वारा बिना रक्त निकाले प्रेशर देकर चिकित्सा की जाती है|

कुछ आयुर्वेदिक चिकित्सक अपनी शोध पूर्ण सोच से सिरिंज के निडिल वाले भाग को काटकर त्वचा पर लगाकर पिस्टन पीछे खीचने से उत्पन्न वेक्यूम के माध्यम से रक्त मोक्षण भी करा रहे है|

वर्तमान में इसके लिए हिजामा कपिंग सेट [hijama cupping set] के साथ एक परिष्कृत यंत्र सक्शन पंप और प्लास्टिक, सिलिकॉन या कांच के कप और रक्त निकालने वाला पेन [blood lancing device] उपलब्ध है, जिनसे अधिक आसानी से दर्द रहित रक्त मोक्षण किया जाता है|

चिकित्सको को इस प्रकार के परिष्कृत यंत्र के माध्यम से एक सर्जिकल व्यवस्था जैसे, हाथ में ग्लोब्स, आदि पहनकर विसंक्रमित डिस्पोजेबल निडिल युक्त ब्लड लेंचिंग डिवाइस से दर्द रहित पंक्चर बनाकर सक्शन मशीन से प्लास्टिक, कांच या सिलिकोन कप के द्वारा रक्त मोक्षण कराया जाना आसान और आकर्षक सिद्ध होगा| ये सब आजकल बाज़ार में मिलते हें| इस बारे में हम आपकी सहायता हेतु संपर्क कर सकते हें|

Dr Madhu Sudan Vyas.

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